झारखण्ड : छठ महापर्व से पहले पूरे प्रदेश में बिजली संकट !

Electricity crisis in the entire state before Chhath festival

छठ महापर्व शुरू होते ही राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में बिजली संकट गहरा गया है। झारखण्ड में 1470 से 1480 मेगावाट बिजली की मांग है। लेकिन अभी 900 से 1000 मेगावाट बिजली ही मिल रही है। तेनुघाट की एक यूनिट ठप हाेने से 200 मेगावाट की कमी हाेने पर सेंट्रल पुल से मिलने वाली बिजली में भी कटाैती शुरू हाे गई. काेल्हान प्रमंडल के बिजली विभाग के महाप्रबंधक श्रवण कुमार ने बताया- तीन दिनाें से झारखंड में बिजली आपूर्ति में कटाैती हाे रही है। शुक्रवार काे तेनुघाट ताप की एक यूनिट से बिजली उत्पादन ठप हाेने का व्यापक असर पड़ा है।

इस कारण कम मिल रही बिजली!

टीवीएनएल की यूनिट नंबर एक बुधवार से ट्यूब लिकेज के कारण बंद है. इससे 200 मेगावाट बिजली नहीं मिल पा रही है. वहीं एनटीपीसी की फरक्का यूनिट में कुछ तकनीकी खामी आई है. जिस कारण 60 से 70 मेगावाट कम बिजली दी जा रही है. दूसरी ओर झारखंड बिजली वितरण निगम (JBVNL) को पीक आवर में अतिरिक्त बिजली खरीदने पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की रोक लगी हुई है.

वहीं करेंट बिल के भुगतान में 45 दिनों का लेट होने पर केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिसिटी (लेट पेमेंट सरचार्ज एंड रिलेटेड मैटर्स) रूल्स 2022 के अधीन रोक लगा रखी है. इस कारण ओपन एक्सेस सिस्टम से जेबीवीएनएल चाह कर भी अतिरिक्त बिजली नहीं ले सकता. इससे लगभग 300 मेगावाट बिजली नहीं मिल पा रही है.

राज्य के अन्य क्षेत्रों में लोडशेडिंग ?

राज्य के अन्य हिस्सों हजारीबाग, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, कोल्हान, पलामू और संथाल इलाकों में भी बिजली की लोडशेडिंग चल रही थी. हालांकि शनिवार को स्थिति सामान्य होने की बात कही गयी है. एनटीपीसी से 390 मेगावाट, टीवीएनएल से 180 मेगावाट, सिकिदिरी हाइडल से 110 मेगावाट, इनलैंड से 53 मेगावाट व अन्य स्रोत से लगभग 100 मेगावाट बिजली मिल रही थी. हालांकि डीवीसी कमांड एरिया में 450 मेगावाट बिजली दी जा रही थी, लेकिन वहां भी लोडशेडिंग हो रही थी.

रांची को 350 की जगह 100 मेगावाट ही बिजली

वहीं राजधानी रांची को शाम को पीक ऑवर में कम बिजली मिल रही है. राजधानी में पीक ऑवर में करीब 350 मेगावाट की खपत होती है, लेकिन रांची को कम से कम लगभग 100 मेगावाट ही बिजली मिल रही थी. कांके ग्रिड को 60 की जगह 20, हटिया ग्रिड को 100 की जगह 40 , नामकुम ग्रिड को 100 की जगह 20, बुढ़मू ग्रिड को 50 की जगह पांच मेगावाट, तमाड़ ग्रिड को 40 की जगह पांच मेगावाट और खूंटी ग्रिड को भी 40 की जगह 5 मेगावाट बिजली मिल रही थी. राजधानी के कोकर, कांके, पुंदाग, रातू रोड, खादगढ़ा, मधुकम, किशोरगंज, डोरंडा, धुर्वा, चुटिया और नामकुम इलाकों में जमकर लोडशेडिंग हो रही थी. वहीं ग्रामीण क्षेत्र में तो 24 घंटे में आठ घंटे भी बिजली नहीं दी गयी है.

टीवीएनएल की एक नंबर यूनिट लाइटप

टीवीएनएल के एमडी अनिल शर्मा ने बताया कि बुधवार से ट्यूब लिकेज की वजह से बंद पड़ी एक नंबर यूनिट को शुक्रवार को शाम 7.15 बजे लाइटअप कर दिया गया है. देर रात 11 बजे से बिजली आपूर्ति आरंभ हो जायेगी.

 

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