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त्रिपुरा की शतरंज प्रतिभा अर्शिया दास बनीं FIDE मास्टर

त्रिपुरा की युवा शतरंज प्रतिभा अर्शिया दास ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (FIDE) द्वारा जारी ताजा सूची में FIDE मास्टर का दर्जा हासिल किया है। यह खिताब उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और लगातार शानदार खेल के चलते उन्हें मिला है।

FIDE अध्यक्ष ओरचादी वोर्किविच ने मीडिया से बातचीत के दौरान अर्शिया दास के नाम की घोषणा की। उन्होंने बताया कि FIDE द्वारा मान्यता प्राप्त विभिन्न टूर्नामेंटों में अर्जित अंकों के आधार पर उन्हें यह खिताब दिया गया है।

पूर्वोत्तर की पहली महिला FIDE मास्टर

अर्शिया दास पूरे पूर्वोत्तर भारत की पहली महिला खिलाड़ी हैं, जिन्होंने FIDE मास्टर का दर्जा प्राप्त किया है। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है, जिनमें स्पेन में आयोजित वर्ल्ड अंडर-10 गर्ल्स चैंपियनशिप, उज्बेकिस्तान में आयोजित एशियन स्कूल चैंपियनशिप और अन्य कई प्रमुख टूर्नामेंट शामिल हैं।

इससे पहले, त्रिपुरा के ही प्रसिद्ध शतरंज कोच प्रसेनजीत दत्ता इस खिताब को हासिल करने वाले पहले खिलाड़ी थे। अब अर्शिया ने इस उपलब्धि को दोहराते हुए राज्य और देश का नाम रोशन किया है।

अर्शिया का अगला लक्ष्य – महिला ग्रैंडमास्टर

अर्शिया दास का अगला लक्ष्य विमेंस ग्रैंडमास्टर का प्रतिष्ठित खिताब जीतना और महिला विश्व शतरंज चैंपियनशिप में हिस्सा लेना है। वह आंध्र प्रदेश की कोनेरु हम्पी के नक्शे कदम पर चलना चाहती हैं, जिन्होंने रैपिड शतरंज श्रेणी में दो बार महिला विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीता है।

शतरंज के खेल में सफलता के साथ-साथ अर्शिया अपनी पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान दे रही हैं। वह हॉली क्रॉस हाई स्कूल में कक्षा नौवीं की छात्रा हैं और अपनी शिक्षा के साथ शतरंज में भी ऊंचे मुकाम हासिल करने की ओर अग्रसर हैं।

उनकी इस उपलब्धि से न केवल त्रिपुरा, बल्कि पूरे भारत को गर्व है, और अब उनकी नजरें शतरंज की दुनिया में नए आयाम स्थापित करने पर हैं।