चार बार के फॉर्मूला 1 विश्व चैंपियन सेबास्टियन वेटल ने खुलासा किया है कि उनके लंबे और गौरवशाली करियर का एकमात्र अफसोस यह है कि उन्होंने सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों को लेकर अपनी आवाज़ पहले नहीं उठाई। साल 2007 से 2022 तक F1 में सक्रिय रहे जर्मन ड्राइवर वेटल ने अपने करियर के अंतिम वर्षों में लैंगिक समानता, LGBTQ+ अधिकारों और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर खुलकर बोलना शुरू किया, और मोटरस्पोर्ट की दुनिया में एक प्रभावशाली आवाज़ बन गए।
वेटल, जिन्होंने रेड बुल रेसिंग के लिए लगातार चार खिताब जीते और फिर फेरारी और एस्टन मार्टिन के लिए ड्राइव किया, मानते हैं कि सामाजिक सक्रियता कभी भी उनके करियर की पूर्व-योजना का हिस्सा नहीं थी। बीबीसी को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “जब मैंने अपने करियर की शुरुआत की थी, तब मेरा सारा ध्यान सिर्फ रेसिंग पर था। वही मेरी दिनचर्या का पूरा हिस्सा था।”
लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, वेटल को एहसास हुआ कि एक पेशेवर खिलाड़ी के रूप में उनकी एक खास ज़िम्मेदारी और प्रभाव है। उन्होंने स्वीकार किया, “मुझे जो एकमात्र अफसोस है, वो यह है कि मैंने अपने करियर में पहले बोलना शुरू क्यों नहीं किया। जब आप समझते हैं कि आपकी पहुंच कितनी दूर तक है, तो महसूस होता है कि आप लोगों को प्रेरित कर सकते हैं।”
इस जागरूकता ने वेटल को सामाजिक संदेशों को सामने लाने के लिए नए-नए तरीकों का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया — चाहे वो उनके हेलमेट डिज़ाइनों के ज़रिए हो या फिर मुद्दों पर ध्यान खींचने वाले टी-शर्ट पहनकर हो।
फेरारी में लुईस हैमिल्टन के समर्थन में वेटल
हालांकि अब वेटल F1 से संन्यास ले चुके हैं, लेकिन वह आज भी खेल से जुड़े हुए हैं और इसकी गतिविधियों पर नज़र बनाए रखते हैं। 2025 सीज़न की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक होगी लुईस हैमिल्टन की फेरारी टीम में बहुप्रतीक्षित एंट्री — एक ऐसी टीम जिसमें वेटल ने खुद छह साल बिताए, लेकिन खिताब जीतने में सफल नहीं हो पाए।
हैमिल्टन के बारे में बात करते हुए वेटल ने कहा, “मेरी शुभकामनाएं उसके साथ हैं। हमने कई सालों तक एक-दूसरे के खिलाफ रेस की है, हमारे बीच अच्छा रिश्ता है। और इस वक्त वह ग्रिड पर सबसे मुखर ड्राइवर है।” उन्होंने यह भी जोड़ा, “लेकिन वहीं चार्ल्स लेक्लेर भी है, जिसके साथ मैंने रेस की है। ये एक मजबूत लाइन-अप है। हालांकि, अंत में खिताब की दौड़ में बने रहने के लिए कई चीज़ों का एक साथ आना ज़रूरी होता है।”
सेबास्टियन वेटल का यह आत्मचिंतन बताता है कि खेल से परे भी एक खिलाड़ी की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है। उन्होंने यह साबित किया है कि रेस ट्रैक के बाहर भी उनकी सोच गहराई लिए हुए है — और यही उन्हें एक सच्चा चैंपियन बनाता है।